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Tuesday, 19 May 2020

WILL DONALD TRUMP BECOME THE USA PRESIDENT AGAIN?


विल ट्रम्प डू इट अगेन
चुनाव का समय आ रहा है। 3 नवंबर 2020 को दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव होने वाला है। प्रतियोगी ट्रम्प और बिडेन हैं। हां, मैं राष्ट्रपति पद के चुनाव की बात कर रहा हूं। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति।
अब, मई शुरू हो गया है और बहुत समय नहीं बचा है, केवल 6 महीने। हम एक दुनिया में बंद दरवाजों के साथ नहीं रह रहे हैं और जीवन के लिए डर हम सभी के साथ है। कोरोना ने विश्व युद्ध 2 से अधिक को मार डाला है। हम एक ऐसे समय में रह रहे हैं जो हम अपने जीवन के बाकी हिस्सों के लिए याद रखने वाले हैं और इस समय में जो होने जा रहा है वह हमेशा के लिए हमारी यादों में हमेशा हमारे साथ रहेगा।
ट्रम्प जैसा कि यह देखा गया है कि यह एक प्रकार का बेवकूफ है। एक दिन कुछ कहना और दूसरे पर कुछ कहना। त्रुटिहीन चरित्र वाला कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता है। लेकिन वह ऐसी चीजों के लिए जाने जाते हैं। और हो सकता है कि यूएसए के नागरिक अब महसूस कर रहे हों कि उन्होंने चरित्र की ईमानदारी के साथ कुछ के बजाय अपने राष्ट्रपति बनने के लिए एक जोकर को वोट दिया था।



मैं सिर्फ यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि यह चुनाव कौन जीतने वाला है इसलिए मैं ट्रम्प के पक्ष में दो नंबर 1 और बिडेन के पक्ष में एक और नंबर लूंगा। मेरी इच्छा है कि महाराज जी मेरा सही मार्गदर्शन करें और अगर मेरी भविष्यवाणी गलत है तो यह उनकी गलती है, मेरी नहीं।
115 वह संख्या है जो ट्रम्प के लिए है। जैसा कि हम जानते हैं कि 6 वीं पुच्छल उप स्वामी निर्णायक कारक है और यह 10 वें और 11 वें घर के साथ जुड़ा हुआ है और एक जीतने के लिए अधिक संभावनाएं हैं। इसके बाद देखा जाने वाला दशा भुक्ति अंतरा है।
यहाँ इस कुंडली में 6 वाँ शुभ उप स्वामी शुक्र है। शुक्र मंगल के तारे में है। शुक्र को 9 वें घर में रखा गया है और मंगल 5 वें भाव में है। जैसा कि हम जानते हैं कि 5 वां घर 6 वें घर का नुकसान है। इसलिए प्रारंभिक वादा यहां कमजोर लग रहा है। उस समय का दशांश शनि का होगा। शनि 4 वें घर में है और यह सूर्य के तारे में है। सूर्य 8 वें घर में 12 वें घर का शासक और 9 वें घर में शुक्र के उप में है।
इस प्रकार पूरी तस्वीर ट्रम्प की पक्षधर नहीं है।
आइए देखते हैं कि बिडेन के लिए क्या है। 83 उसके लिए नंबर है। आइए हम उसके लिए डरावना नक्शा देखें। 6 वाँ शुभ उप स्वामी मंगल है। यह स्वयं के तारे में और शनि के उप में है। शनि 6 ठें भाव में है और मंगल 10 वें भाव का अधिपति है। दसा शनि की होगी। यह 6 वें घर में है और सूर्य के तारा और शुक्र के उप में है। शुक्र 10 वें घर में है।
इसलिए इन दो कुंडली के अनुसार, विजेता बाइडेन होगा। आओ देखते हैं कि आने वाले समय में क्या होता है।
आचार्य रमन

Tuesday, 5 May 2020

मेनोपॉज़ या रजोनिवृत्ति के समय कैसे रखें ख़ुद का ख़याल


आज लेख की शुरुआत दोस्तों या मित्रों से नहीं प्रिय सहेलियों से करूँगी।क्योंकि बात मेरी और आपकी है।हर औरत के जीवन में कई पड़ाव आते हैं और हर पड़ाव को हम औरतें बख़ूबी निभाती है।मेनोपॉज़ या मासिक धर्म का बंद होना ये भी एक फ़ेज़ होता है।शारीरिक और मानसिक दोनों ही तौर पर एक बड़ा बदलाव हमारे जीवन में आता है।उम्र के उस मोड़ पर औरत होती है जब खुद का स्वास्थ्य परिवार बच्चे सभी आपको धीरे-धीरे छोड़ रहे होते हैं।बच्चे अपने जीवन में व्यस्त होने लगते हैं।पति की व्यस्तता परिवार को पालने के चरम पर होती है।और आपकी मौजूदगी बस उनकी ज़रूरतों तक सीमित हो जाती है।

और शरीर का चल रहा सालो पुराना चक्र भी बिगड़ जाता है।जिससे एक अवसाद डिप्रेशन आपको घेर लेता है।चिड़चिड़ापन घबराहट ग़ुस्सा आना ये आपकी नई आदत बन जाता है।डॉक्टर के पास जाकर बिना बात के हॉर्मोन्स लेना कदापि कोई इलाज नहीं होता ये और एक बड़ी गलती आप करती हो।जब भी बढ़ती उम्र में पीरियड बिगड़ें तो   बस एक अल्ट्रासाउंड करवा लें कि सब ठीक है या नहीं और ३-४ महीने में इसे रिपीट करें।मेनोपॉज़ एक नैचुरल प्रोसेस है जो अपने तरीक़े से होना ही है।इसमें कोई दवाई कुछ नहीं करेगी।इस दौरान यदि आपको कोई ठीक रख सकता है तो वो है आपकी बैलेंस डाइट बैलेंस माइंड।
सन्तुलित खान पान और मानसिक संतुलन का आप ध्यान रखें तो ये समय आसानी से कट जाएगा ।
इस समय शरीर में बहुत से बदलाव बड़ी तेज़ी से होते हैं और घर के बाक़ी लोगों को इसका अहसास नहीं होता सबसे पहले आपको यह करना है कि पति और बच्चों को अपने भीतर चल रहें बदलावों के बारे में जानकारी दे उनसे बात करें।जितना हो सके खुश रहने की कोशिश करें।

अपनी कोई भी पुरानी रुचि जो गृहस्थी के चलते पूरी नहीं कर पाईं उसे करें।कुछ भी नया सीखने या करने का प्रयास करें ।जब भी हम अपनी पसंद का काम या कोई नई चीज़ सीखतीं हैं तो डिप्रेशन कभी नहीं आता हमारा दिल और दिमाग़ दोनों ही रिचार्ज हो जाते हैं,टाईम बहुत अच्छा पास हो जाता है।और जब आप मानसिक रूप से स्वस्थ होती हो तो शारीरिक कष्ट होने की संभावना भी कम हो जाती है।क्योंकि यही वक़्त होता है जब मानसिक असंतुलन के चलते औरतों में ग्लैंड फेलियर होने की संभावना बढ़ जाती है ।शुगर,ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी घेर लेती है।90% औरतों को इसी समय यह बीमारी लगतीं हैं और हम बड़ी आसानी से इसे बढ़ती उम्र का बदलाव समझकर स्वीकार कर लेते है ।मानसिक तनाव ही ग्लैंड फेलियर डिजीज़ का सबसे बड़ा कारण है।यदि आप मानसिक रूप से स्वस्थ हैं तो कभी आपको बीपी शुगर नहीं होगा ।परिवार के ध्यान के साथ खुद का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है ।क्योंकि जो आप पर निर्भर हैं वो क्या आपका ध्यान रखेंगे ।बिना वजह लोगों से उम्मीद करना छोड़ दें।जब आप पूरे परिवार को सँभाल सकती हो तो ख़ुद को क्यों नहीं।
इस वक़्त खाना वो खाना है जिसमें कैल्शियम आयरन भरपूर हो।शरीर से लगातार खून निकलने के कारण हड्डियों से जुड़ी बीमारियों से हम घिर जाते हैं।गोंद कसार इस समय बहुत फ़ायदा करता है जिसमें पिपली,सौंठ,हरड़,दखनी मिर्च,मखाना,मगज मिला हो।मांसाहारी लोग चिकन सूप या पाय का सूप भी ले सकते हैं।मालिश कराना भी एक जरूरी काम है,ख़ास कर पैरों कमर और कलाई की हफ्ते में दो बार मालिश ज़रूर करवायें।
सहेलियों ये समय आएगा और चला जाएगा इससे पहले भी जब शादी हुई थी तुम माँ बनी हर बार ये बड़े बदलाव जीवन में आए और डटकर मुक़ाबला किया था इस वक़्त हार मानकर तुम अपना बचा जीवन एक रोगी की तरह काटने मे झोंक दोगी।एक दो साल की बात है।खुश रहकर और बिना चिंता किये इस समय को काटना है।निरर्थक दवाइयों और डॉक्टरों से बचें।रुटीन चेकअप के अलावा कुछ न करवाए ।ये एक नैचुरल प्रोसेस है इसे नैचुरली पूरा होने दें।अपने तन और मन का ध्यान रखें राम का नाम ले खुश रहें सब अच्छा होगा।
बहुत प्यार के साथ आप सभी के परम स्वास्थ्य की कामना करते हुए ।
सुधा🙏

Sunday, 3 May 2020

Obsessive Compulsive Disorder Healing By Reiki

                     Obsessive Compulsive Disorder Healing By Reiki
दोस्तो ये #OCD वो रोग है जो आजकल बहुत सुनने में आ रहा है,या ऐसा कह सकते हैं कि लोग जागरुक हो गये हैं कि वहम भी एक रोग होता है।इतने समय में मै जितने भी लोगो को मिली और जितना भी शोध मैंने किया एक अलग ही अनुभव रहा जब ओ सी डी के मरीजो से मिलती हूं या उनके जीवन के बारे में जानती हूं तो कुछ समानता हैं जो सुनने में आई।


इनका जीवन कुछ कायदो के साथ रहा
बहुत ज्यादा डिसिप्लिन जो मन नही मानना चाहता था फिर भी दीमाग को मानना पड़ा।
इनके घरो में किसी एक ही व्यक्ति का शासन था।
खुद को एक्सप्रेस न कर सके।
धीरे धीरे नियम जो आप नही मानना चाहते थे वो जीवन पर हावी हो गये और जाने अनजाने आपके व्यक्तित्व का हिस्सा।
जिन औरतो ने बहुत समर्पण के साथ खुद को मिटा के गृहस्थी संभाली वह एक उम्र के बाद अवसाद का अधिक शिकार हुई उन औरतो की तुलना में जो कुछ लापरवाह रही।
दोस्तो ये बीमारी टोटल कंट्रोल की है,आपको आदत पड़ गई है बस मान लेने की।रेकी से मैं इसका ईलाज कर रही हूं और सफलता भी मिल रही है।आप या आपका कोई अपना यदि परेशान है तो रेकी हीलिंग कराएं या खुद रेकी सीख कर स्वयं उपचार करें मेडिकल साइंस में सालो साल दवाई खाने के बाद भी इसका पूर्ण उपचार संभव नही है किन्तु रेकी एक नॉन मेडिसिन थैरेपी है जिसका कोई साइड इफैक्ट नही है।
ओ सी डी को कैसे पहचाने!—

व्यवहार संबंधी: लगातार कुछ करने से खुद को रोक न पाना (बाध्यकारी व्यवहार), किसी काम को करने के अपने तरीके से हटकर काम ना कर पाना, खुद के शब्दों को बेमतलब दोहराना, गतिविधियों को दोहराना, चीज़ें जमा करने से खुद को रोक न पाना (बाध्यकारी व्यवहार), बिना सोचे-समझे जल्दबाज़ी में काम करना, व्याकुलता, शब्दों या क्रियाओं को लगातार दोहराना, सामाजिक अलगाव, या ज़रूरत से ज़्यादा सतर्कता बरतना
मिज़ाज: अचानक बहुत ज़्यादा घबरा जाना, अपराधबोध, आशंका, या चिंता
मनोवैज्ञानिक: अवसाद या डर
यह होना भी आम है: खाने से नफ़रत, बार–बार विचारमग्न होना, या बुरे सपने
चिकित्सकीय जांच के बाद मिले WATTSAPP #9650008266

🌹सुधा🌹

सुधा की मन तरंग : *फिर किसको चाहते हो*


चाहत इसका कोई दायरा नही है,ये किसी सरहद की मोहताज भी नही चाहने वाले सारी दुनिया को चाहते हैं।घर परिवार दोस्त यार मां बाप,ख़ुद की औलाद।हमारी यही चाहत हमारी ताक़त होती है और कई बार कमजोरी बन जाती है।
 
कई चाहत बहुत कुछ दे जाती है तो कभी सब कुछ छीन भी लेती है।सारी उम्र हमारी किसी न किसी जाहत में गुज़र जाती है।ये चाहत ऐसी चीज़ है जो पूरी होते ही बदल जाती है।जब ये हासिल हो जाए तो अपना रसूख़ और वजूद ही गवा देती है।तमाम उम्र तमाम चीजों तमाम लोगो के पीछे ज़ाया कर देतें हैं हम और उनके गुमान को बढ़ाकर ख़ुद को कमतर कर देते हैं।जो चाहत जो तड़प दुनिया के लिए रखी और हर रिश्ते को कायम रखने के लिए कितनी बार ख़ुद को मिटाया।अब आज को देखो इस तारीख़ ने ये मौका दिया है कि ख़ुद से बढ़कर तो कुछ नही है।तुम हो तो सब है।कोई रिश्ता कोई नाता तुम्हारी जान से बढ़कर नही है।कुदरत ने हम सबका दायरा ही मिटा दिया यूं कहो कि उसे तुम तक समेट दिया आज कोई मर भी जाय तो ख़ूनी रिश्ते तक पहुँच नही पा रहे।ये कैसा इशारा है कुदरत का क्या कहना चाहती है ये हमसे।???

 
कि ख़ुद को भूल के जिस उधेड़ बुन में उलझा रहा अब लौट आ ख़ुद में ये दुनिया फ़ानी है हर कोई बेगाना है तेरा कोई अपना है तो वो ख़ुद तू है।तुझे अगर कोई सच्चा प्यार कर सकता है तो वो भी तू ही है।क्यूँ तड़पता है कि कोई तुझे समझे तूने ख़ुद को कब समझा?किसी की ख़ुदगर्ज़ चाहत को पाने के लिए कितनी बार ख़ुद को ज़लील किया?एक बार ख़ुद को चाहकर देखा होता।सारी उम्र दूसरो को खुश करने में गुज़ार दी हफ़्ते में एक दिन ख़ुद को दिया होता।इस वक़्त कुदरत पल पल पाठ पढ़ा रही है।अपना दिल दिमाग़ खोल कर उसके इशारे समझो।ख़ुद से इश्क करके देखो क्या पता तुम्हें वो मिल जाए जिसकी तुम्हें तलाश थी।ख़ुद से इश्क करना ख़ुदा से इश्क करने जैसा है।क्यूँकि वो तुममें बसती है।ख़ुद को जानना ख़ुदा को जानने के बराबर है और ख़ुद को पाना ख़ुदा को पाने जैसा ।
 
ये करलो फिर ये दायरा ख़ुद बढ़ा देना उसके बाद सारी कायनात पड़ी है इश्क करने के लिए पर शुरुआत ख़ुद से करो।पहले ख़ुद को भर लो फिर छलक जाना।मजा भी इसी में है ख़ुद ख़ाली रहकर किसी को क्या भरोगे।ये तो धोखा है ख़ुद से और औरो से भी।जो अंदर होगा वही तो बाहर आएगा ।
 
जब अंदर नही होगा तो बाहर कैसे आएगा।
 
अब आँखों को बंद करो और सोच कर बताओ....... *फिर किसको चाहते हो* ????