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चीनी सामान का बहिष्कार कौन करेगा ?

कौन करेगा #चीनीसामान का बहिष्कार*
विषय और शब्द दोनों ही गहन चिंतन चाहते हैं लेकिन यहाँ तो भेड़ चाल लगी है।हर भेड़ ख़ुद को झुंड का मुखिया मान के खुश है ।झुंड को हांकने वाला अदृश्य है या कह सकते हैं जान कर छुपा है।आगे आना भी क्यों है जब सब काम पीछे से ही आसानी से हो रहा है।लेकिन इस सारे खेल में एक ही बात है जो सटीक है कि हम (आम जनता) भेड़ हैं,और किसी की अनदेखी लाठी से हांके जा रहें हैं।
महामारी की मार आज पूरा विश्व झेल रहा है।हर देश खुद को मज़बूती से खड़ा करने के भरसक प्रयास भी कर रहा है।किंतु आए दिन एक अलग ही क्रांति हमारे देश में आती जाती रहती है।
“चीनी सामान का बहिष्कार “ ये निरंतर चलने वाली क्रांति कदापि नहीं है।ये एक मौक़ा विशेष क्रांति है जो कैलेंडर के हिसाब से आती जाती है।ख़ास कर त्योहार पर दीवाली पर चीनी पटाखों का और होली पर चीनी रंगों का बहिष्कार हमारी सोशल मीडिया लाइफ़ yका एक अटूट हिस्सा है।जो भी इस रस्म को नहीं निभाता वो देशप्रेम का उल्लंघन करता है।
कोरोना के चलते ये क्रांति ज़रा तेज़ हुई लोग रंग पटाखों के अलावा एक दो चीज़ों के और बहिष्कार पर ज़ोर देने लगे(भेड़ चाल के अनुसार)य…
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WILL DONALD TRUMP BECOME THE USA PRESIDENT AGAIN?

विल ट्रम्प डू इट अगेन
चुनाव का समय आ रहा है। 3 नवंबर 2020 को दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव होने वाला है। प्रतियोगी ट्रम्प और बिडेन हैं। हां, मैं राष्ट्रपति पद के चुनाव की बात कर रहा हूं। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति।
अब, मई शुरू हो गया है और बहुत समय नहीं बचा है, केवल 6 महीने। हम एक दुनिया में बंद दरवाजों के साथ नहीं रह रहे हैं और जीवन के लिए डर हम सभी के साथ है। कोरोना ने विश्व युद्ध 2 से अधिक को मार डाला है। हम एक ऐसे समय में रह रहे हैं जो हम अपने जीवन के बाकी हिस्सों के लिए याद रखने वाले हैं और इस समय में जो होने जा रहा है वह हमेशा के लिए हमारी यादों में हमेशा हमारे साथ रहेगा।
ट्रम्प जैसा कि यह देखा गया है कि यह एक प्रकार का बेवकूफ है। एक दिन कुछ कहना और दूसरे पर कुछ कहना। त्रुटिहीन चरित्र वाला कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता है। लेकिन वह ऐसी चीजों के लिए जाने जाते हैं। और हो सकता है कि यूएसए के नागरिक अब महसूस कर रहे हों कि उन्होंने चरित्र की ईमानदारी के साथ कुछ के बजाय अपने राष्ट्रपति बनने के लिए एक जोकर को वोट दिया था।



मैं सिर्फ यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि यह चुनाव कौन जीत…

मेनोपॉज़ या रजोनिवृत्ति के समय कैसे रखें ख़ुद का ख़याल

Obsessive Compulsive Disorder Healing By Reiki

#OCD ओब्सेसिव कम्पलेसिव डिसॉडर
#HealOCDbyReiki

दोस्तो ये #OCD वो रोग है जो आजकल बहुत सुनने में आ रहा है,या ऐसा कह सकते हैं कि लोग जागरुक हो गये हैं कि वहम भी एक रोग होता है।इतने समय में मै जितने भी लोगो को मिली और जितना भी शोध मैंने किया एक अलग ही अनुभव रहा जब ओ सी डी के मरीजो से मिलती हूं या उनके जीवन के बारे में जानती हूं तो कुछ समानता हैं जो सुनने में आई।

इनका जीवन कुछ कायदो के साथ रहा
बहुत ज्यादा डिसिप्लिन जो मन नही मानना चाहता था फिर भी दीमाग को मानना पड़ा।
इनके घरो में किसी एक ही व्यक्ति का शासन था।
खुद को एक्सप्रेस न कर सके।
धीरे धीरे नियम जो आप नही मानना चाहते थे वो जीवन पर हावी हो गये और जाने अनजाने आपके व्यक्तित्व का हिस्सा।
जिन औरतो ने बहुत समर्पण के साथ खुद को मिटा के गृहस्थी संभाली वह एक उम्र के बाद अवसाद का अधिक शिकार हुई उन औरतो की तुलना में जो कुछ लापरवाह रही।
दोस्तो ये बीमारी टोटल कंट्रोल की है,आपको आदत पड़ गई है बस मान लेने की।रेकी से मैं इसका ईलाज कर रही हूं और सफलता भी मिल रही है।आप या आपका कोई अपना यदि परेशान है तो रेकी हीलिंग कराएं या खुद रेकी सीख कर स्वयं उपचार करें मेडि…

सुधा की मन तरंग : *फिर किसको चाहते हो*

चाहत इसका कोई दायरा नही है,ये किसी सरहद की मोहताज भी नही चाहने वाले सारी दुनिया को चाहते हैं।घर परिवार दोस्त यार मां बाप,ख़ुद की औलाद।हमारी यही चाहत हमारी ताक़त होती है और कई बार कमजोरी बन जाती है।
कई चाहत बहुत कुछ दे जाती है तो कभी सब कुछ छीन भी लेती है।सारी उम्र हमारी किसी न किसी जाहत में गुज़र जाती है।ये चाहत ऐसी चीज़ है जो पूरी होते ही बदल जाती है।जब ये हासिल हो जाए तो अपना रसूख़ और वजूद ही गवा देती है।तमाम उम्र तमाम चीजों तमाम लोगो के पीछे ज़ाया कर देतें हैं हम और उनके गुमान को बढ़ाकर ख़ुद को कमतर कर देते हैं।जो चाहत जो तड़प दुनिया के लिए रखी और हर रिश्ते को कायम रखने के लिए कितनी बार ख़ुद को मिटाया।अब आज को देखो इस तारीख़ ने ये मौका दिया है कि ख़ुद से बढ़कर तो कुछ नही है।तुम हो तो सब है।कोई रिश्ता कोई नाता तुम्हारी जान से बढ़कर नही है।कुदरत ने हम सबका दायरा ही मिटा दिया यूं कहो कि उसे तुम तक समेट दिया आज कोई मर भी जाय तो ख़ूनी रिश्ते तक पहुँच नही पा रहे।ये कैसा इशारा है कुदरत का क्या कहना चाहती है ये हमसे।???

कि ख़ुद को भूल के जिस उधेड़ बुन में उलझा रहा अब लौट आ ख़ुद में ये दुनिया…

Native Got Afflcited By Coronavirus Hindi

Maharaj ji allows to visit on mahashivratri day at Kainchi Dham 21.2.2020

I will write truth as much as i can and non relevant issues will be hidden only.

"भैय्या यहाँ कोई बस नहीं रुक रही है, हमको हल्द्वानी स्टेशन जाना है " and my heart rolled back to 2018 our first visit to kainchi Dhaam in the holy feet of neem karoli baba on the again n again instructions of My dearest friend Shree Arun Sharmaji. Vipul ji told her that wait some KMOU bus will come and stop the government buses wont stop as they are instructed not to.

It was many days ago Sudha ji told me to visit kainchi temple on this day. That small talk happened and vanished from mind because 21st Feb was far away that time and I was also willing to go and I was sure that I will be going easily. I didn`t knew that things are not so easy when they come to be.

The weather went bad last night as there was heavy snowfall in the kedarnath. It started raining and clouds were simply bursting the heart out. My all hopes vanished to visit Kainchi. So I started fooling my self that all is good and G…