Friday, 21 February 2020

Maharaj ji allows to visit on mahashivratri day at Kainchi Dham 21.2.2020

I will write truth as much as i can and non relevant issues will be hidden only.

"भैय्या यहाँ कोई बस नहीं रुक रही है, हमको हल्द्वानी स्टेशन जाना है " and my heart rolled back to 2018 our first visit to kainchi Dhaam in the holy feet of neem karoli baba on the again n again instructions of My dearest friend Shree Arun Sharmaji. Vipul ji told her that wait some KMOU bus will come and stop the government buses wont stop as they are instructed not to.

It was many days ago Sudha ji told me to visit kainchi temple on this day. That small talk happened and vanished from mind because 21st Feb was far away that time and I was also willing to go and I was sure that I will be going easily. I didn`t knew that things are not so easy when they come to be.

The weather went bad last night as there was heavy snowfall in the kedarnath. It started raining and clouds were simply bursting the heart out. My all hopes vanished to visit Kainchi. So I started fooling my self that all is good and God is ever where types to pacify most likely my ego.

And it kept raining and raining and it is still raining. But then around 3 pm the srain stopped and I went to Vipul ji who was busy in a very important task and I asked him whether he has some time to spare, so he asked for what?

I said lets go to kainchi. He said ok let me finish my work and we will leave. Dont worry. When Mr Vipul ji is with you, you dont have to worry as he takes all the worries. So he left his task in between and went to his hoouse to get the keys of his car.

So Finally at around 3:45 we started and in the mountains the weather was so beautiful as if nature is showing her blessings to the human eyes. We had umbrellas for our protection in the open. There was heavy snowfall in Nainital today and there were little pieces of snow falling on the wind screen. Just Tiny ones.

We reached Kainchi and the shop where the standard sweets haldwani prasad is given there this lady was standing and telling "भैय्या बस नहीं रुक रही कोई हमको हल्द्वानी स्टेशन जाना है ", Many times when I have been there some thing has happened as a message literally. It was a message indeed cant be anything else. It was a message may be to tell me that "see, dont get proudy of being here because people like you come here in hundreds and you are no special one", what else can it be because the more you fell in love with maharaj ji the more you realize that you are not the doer of anything at all!!!
                                         HE IS.
Last time when I was there, I saw an very Old probably British lady, I wanted to speak with her but some how couldn`t draw the strength although she was talking to  all comfortably. walking with the help of sticks, so when I was at the gate I did asked her simnce when you are coming here, and she said since 1973, so I said maharaj ji left his body that time she said No before that and she is here regulalry and there are millions her me or any one else it hardly matters. We are all humans at the end of the day!!!!

We went inside  and took off our shoes, all have become wet already and the slabs on the ground were freezing. I saw these two old women coming there with there family and I thought I was a real idiot who was thinking since whole day to be here when they can come all can come, only if Maharaj ji allows. Otherwise even air cant.



On this freezing and heavily raining day too there were people inside Kainchi. And all were praying reciting meditating asking for their wishes to be fulfilled and begging(me).

We came out and went ahead to see if there is snow ahead and there wasn`t so we came back.

Always remember It is only the GRACE OF MAHARAJ JI AND ONLY HIS GRACE AND NOTHING ELSE AT ALL if one is able to visit any of his place OR EVEN THINK ABOUT HIM FOR A FRACTION OF A SECOND.......

Pictography of Kainchi today on mahashivratri day 21.2.2020








 



Thursday, 20 February 2020

Best Reiki Teacher In Delhi NCR

Mr Santosh completes his level 1st and second course and gets his certificate of Reiki on 20.2.2020
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Sunday, 16 February 2020

अरविंद केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह और दिल्ली का भविष्य

आखिरकार 16.2.2020 को आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने लगातार तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री की शपथ ली। रामलीला मैदान में दोपहर 12:14 बजे का समय था। नीचे कुंडली है |

(यह फलादेश मेरे अंगेरजी फलादेश का गूगल हिंदी अनुवाद है अतः त्रुटियों के लिए गूगल ही दोषी होगा )








आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में गोचर कर रहा है, यह दुर्बलता का संकेत है। चंद्रमा अनुराधा में है, शनि द्वारा शासित तारा। अगला चुनाव 2025 में शनि दशा सूर्य अंतरा में होगा और हमें देखना होगा कि ये 5 साल कैसे होंगे। मैं सामान्य रूप से प्रत्येक घर और उसके महत्व और प्रभाव को ले जाऊंगा।

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1. दिल्ली के गृह मामले: इसे पहले घर से देखा जाता है। भगवान का न केवल अस्त है बल्कि शनि का तारा भी है। यह 10 वीं और 11 वीं कक्षा में शासन कर रहा है और इसे 9 वें घर में रखा गया है। धर्म, शिक्षा पर जोर होगा और पश्चिमी दुनिया के साथ निकटता होगी। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस मंत्रालय का कामकाज धीमा होगा। शनि अपने स्वयं के चिन्ह में गोचर कर रहा है और एक निश्चित चिन्ह में है इसलिए बात करने के लिए बहुत कुछ नहीं होगा। इस सरकार द्वारा विभिन्न विषयों पर बहुत सारे विज्ञापन किए जाएंगे जो कि सार्वजनिक शिक्षा से लेकर आत्म-अभिमान तक हो सकते हैं।

2. वित्त: राहु दूसरे भाव में विराजमान है और बृहस्पति और मंगल का कारक है। दूसरे घर के स्वामी को लग्न से 10 वें घर में रखा गया है। सरकार द्वारा राज्य के राजस्व को बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं और उनमें से कई सफल भी होने जा रहे हैं। लेकिन राहु की उपस्थिति जालसाजी और धोखाधड़ी का संकेत दे रही है और मंगल ग्रह का पहलू यह सुझाव दे रहा है कि व्यवसायों के माध्यम से राजस्व सृजन के नाम पर पदाधिकारियों या उनके एजेंटों द्वारा किए गए वित्तीय अपराध हो सकते हैं। बृहस्पति कुछ छिपे हुए एजेंडे का सुझाव दे रहा है जो राज्य के लिए उपयोगी नहीं है।

3. संचार: तीसरे घर के स्वामी को दुर्बल और एक स्टार में रखा जाता है। जिस समय में हम सरकारी प्रेस का उपयोग दूसरों को बदनाम करने के लिए कर सकते हैं, हम सभी प्रकार के सरकारी संचार हैंडल का अनुचित उपयोग देख सकते हैं। पदाधिकारियों के बीच समय-समय पर “ट्विटर” युद्ध हो सकता है।

4. चौथा घर: चूंकि दिल्ली बहुत  बड़ा राज्य नहीं है, इसलिए दिल्ली की अचल संपत्ति में वृद्धि देखी जाएगी। भूमि की बिक्री और अन्य प्रकार की संपत्तियों में वृद्धि होगी। 4 वें का स्वामी दूसरे घर के स्वामी के साथ 4 वें घर का पहलू है। शिक्षा की सामान्य स्थिति में सुधार होगा। नगर निगम का बेहतर कामकाज होगा। आम जनता के बीच अच्छाई होगी।

5. पांचवां सदन: हम आने वाले पांच वर्षों में दिल्ली की कुछ महत्वपूर्ण स्क्रीन संस्थाओं की मृत्यु देख सकते हैं। कुछ अधिकारियों की मृत्यु भी हो सकती है। खेल टीमों में अचानक दुर्घटनाएं हो सकती हैं जो दिल्ली का प्रतिनिधित्व कर रही हैं या उन खिलाड़ियों के लिए जो दिल्ली से हैं। श्री केजरीवाल के खिलाफ उन्हें उनके पद से हटाने के लिए एक साजिश होगी और एक घातक घटना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

6. छठा घर: शुक्र शनि और मंगल का कारक है। दिल्ली में यौन अपराध बढ़ने वाले हैं। आने वाले समय में कुछ वायरस की महामारी हो सकती है। एक या एक से अधिक पदाधिकारी को एक गंभीर और घातक बीमारी होगी जो सार्वजनिक प्रकाश में नहीं आ सकती है। तमाम अच्छे उपायों के बावजूद महिला लोक पीड़ित है। आने वाले समय में कई सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी दुर्घटनाएँ होंगी। आने वाले समय में एक शुरुआत या वृद्धि देखने के लिए हम दिल्ली में आतंकवादी हमले और राष्ट्रीय गतिविधियों को देख सकते हैं। संबंधित विभाग नियंत्रण लेने की कोशिश करेंगे और चीजें केवल बल द्वारा नियंत्रित होंगी और अनुनय द्वारा नहीं। सरकारी इमारतों में आग लगने की घटनाएं होंगी और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जलाए जाएंगे। मजदूर वर्ग और वंचितों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग में निश्चित रूप से घोटाला दिखेगा।

7. सप्तम भाव: कमजोर चंद्रमा 7 वें भाव में विराजमान है। आने वाले समय में घोटालों का खुलासा होगा। आने वाले समय में जनता और पदाधिकारियों में भावनात्मक संकट होगा। आने वाले समय में सेक्स घोटालों की उम्मीद की जा सकती है।

8. आठवां सदन: 8 वां घर सामूहिक त्रासदियों के लिए खड़ा है, सरकार का पतन, महत्वपूर्ण लोगों की मृत्यु और महामारी। केतु मंगल और बृहस्पति ने 8 वें भाव पर कब्जा कर लिया है। मुझे वास्तव में यकीन नहीं है कि किस सज्जन ने शपथ का समय तय किया क्योंकि आने वाले पांच वर्षों में दिल्ली जो देखेगा वह सांप्रदायिक हिंसा, त्रासदी और आतंकवादी गतिविधियां हैं। अग्नि दुर्घटनाओं से व्यापारियों की मौत होगी। वहाँ जजों की मौत हो जाती है। दिल्ली में अचानक दुर्घटनाएँ, विस्फोट और रहस्यमय हत्याएँ होंगी।

9. नौवां घर: शनि नौवें घर में विराजमान होता है। यह बेहद के लिए अचूक है। यह सांप्रदायिक और धार्मिक सर्कल के लिए बहुत बुरा है। शासक की हत्या करने का प्रयास किया जाएगा और यहां के शासक श्री अरविंद केजरीवाल हैं, इसलिए आने वाले समय में उन्हें या उनके परिवार को किसी भी तरह की दुर्घटना के लिए अच्छी तरह से तैयार होना चाहिए। धार्मिक झड़पें बढ़ने वाली हैं। लेकिन सकारात्मक पक्ष यह है कि शिक्षा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली का विकास होगा। ऐसे नए ट्रस्ट आएंगे जो शिक्षा की जिम्मेदारियों को उठा सकते हैं और AAP सरकार के मोहल्ला क्लिनिक प्रयोग की तरह सरकार का हिस्सा बन सकते हैं।

10. दसवां घर: सूर्य और बुध को 10 वें घर में रखा गया है। सूर्य सरकार की इच्छा शक्ति को बल देगा और प्रतिकूल समय में अच्छे निर्णय लिए जाएंगे। शासक अपने राज्य और अपनी पार्टी का नाम सामने लाएगा और उसके फैसले अंत में सही साबित होंगे। पारा के प्लेसमेंट से पता चलता है कि सरकार द्वारा लोगों के लाभ के लिए बहुत सारी यात्रा और व्यापार किया जाएगा। राज्य समय के साथ समृद्ध होगा और प्रसिद्धि बढ़ेगी। शासक आने वाले समय में अपने नाम का विस्तार दूसरे राज्यों में भी कर सकता है।

11. एकादश भाव: असेम्बली, स्टेट्स, अलाउंस, ट्रेजरी और एक्सलेंटेड वीनस के लिए स्टेंड 11 वें घर में रखा गया है। यह मंगल और शनि से संबंधित है। महिला लोगों की भलाई के लिए गवर्नमेंट की ओर से प्रयास किए जाएंगे, लेकिन व्यर्थ। दो पुरूषों के बुरे पहलू से महिला लोक में अपमान और अनर्थ होगा और महिला पदाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार की गतिविधियाँ हो सकती हैं। हम आने वाले समय में एक और "निर्भया" एपिसोड देख सकते हैं। पदाधिकारियों से संबंधित सेक्स स्कैंडल सामने आ सकते हैं।

12. 12 वां घर: 8 वें और 12 वें का स्वामी बृहस्पति 12 वें घर को पहलू बना रहा है। इसके अलावा 12 वें घर के लिए कोई अन्य संकेत नहीं है। इस प्रकार इसके बारे में बात करने के लिए बहुत कुछ नहीं है।
ये ग्रहों के सामान्य संकेत थे, लेकिन घटनाएं केवल तभी हो सकती हैं जब दशा अनुमति देती है। महादशा शनि की होती है। शनि सूर्य के तारे में है। यह दिसंबर 2020 तक सूर्य के तारे में रहने वाला है और जनवरी में यह चंद्रमा द्वारा शासित श्रवण तारे को पार कर जाएगा।

शनि दशा और कीतु अंतरा 22-03-2021 तक चल रहा है और उसके बाद शुक्र आएगा। हमने देखा है कि केतु और शुक्र दोनों सरकार के लिए अच्छे नहीं हैं। आइए देखते हैं कि ये ग्रह नई AAP सरकार के लिए क्या करते हैं। 2024 तक शुक्र अस्त रहेगा और फिर सूर्य आएगा। मार्च 2025 तक सूर्य रहेगा और फिर हम एक और चुनाव देखेंगे क्योंकि पाँच साल पूरे होने वाले हैं।

Saturday, 15 February 2020

उत्तराखंड जागेश्वर धाम चितई गोलू देवता की यात्रा

माघ का महीना था और हम लोगों ने सोचा था की बागेश्वर के माघ मेले में जायेंगे | जैसे प्रयागराज में माघ मेला लगता है एक माह का वैसे ही उत्तराखंड में भी १ माह का माघ मेला बागेश्वर में लगता है जहां पर की दो नदियों का संगम है | लेकिन जैसे भोले बाबा को अपने पास बुलाना था तो प्रोग्राम बागेश्वर से जागेश्वर का हो गया | हमारे इष्ट मित्र विपुल जी इस कार्य में हमारे निमित्त बने और साथ ही इस यात्रा से उनका भी एक मन का भार हल्का हो गया |एक ज़रा से बच्ची आरती भी हमारे साथ चल पड़ी |
सुबह सुबह ८ बजे यात्रा का प्रारंभ हुआ और एक विशेष प्रकार की खिचड़ी जिसे मेथी खिचड़ी कहा जाता है और जो की सर्दियों के लिए बहुत अच्छी होती है वो खाने को मिली | विपुल जी को पर्वतीय मार्गों पर भ्रमण का बहुत वर्षों का अनुभव है अतः चिंता की कोई बात नहीं है सोच कर मैं सो गया था |
कुछ देर में आवाज़ से नींद खुली तो देखा की हमारे नीचे बादल बह रहे थे | एक क्षण को लगा की कहीं कार पलट तो नहीं गयी लेकिंग तुरंत ही चैतन्यता वापस आ गयी | ऐसा अद्भुत द्रश्य जीवन में पहले कभी नहीं देखा था |



वहाँ से आगे बढे तो चितई आया जहां पर गोलू देवता का मंदिर है | गोलू देवता को न्याय का देवता बोला ही नहीं माना भी जाता है और उनके मानने वाले पूरे विश्व में असंख्य उत्तराखंडी ही नहीं अनेक लोग हैं | उनको न्याय का देवता इसलिए कहा जाता है की अगर कोई किसी के साथ गलत करता है और उस व्यक्ति को बहुत बुरा लग जाता है तो वह व्यक्ति इस मंदिर में आकर अर्जी देता है की मेरे साथ गलत हुआ है और कुछ ही दिन में जिसने गलत करा होता है उसको उसके करे का परिणाम भुगतना पड़ता है | ऐसा होता ही है | गोलू देवता से लोग बहुत प्रेम तो करते ही हैं उनसे बहुत डरते भी है और साथ ही भरोसा भी साँसों की तरह ही करते हैं |
मान्यताओं के अनुसार गोलू देवता स्वयं शिव जी के रूप अथवा अवतार हैं | कुमाऊं के इश्वर स्वयं शिव हैं और गोलू देवता उनके अवतार हैं , लेकिन कुछ का मानना है की गोलू देवता चंद राजा बाज बहादुर जिनका शासन काल १६३८ से १६७८ तक था उनकी सेना में सेनापति थे | एक युद्ध में वे वीरगति को प्राप्त हुए थे और उनकी याद में यह मंदिर बनाया गया था | यह मंदिर अल्मोड़ा से ८ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | हर वर्ष अनेक लोग इस मंदिर में न सिर्फ दर्शन के लिए आते हैं बल्कि अपनी अर्जी कागज़ पर लिख कर लाते हैं , बहुत से श्रद्धालु स्टाम्प पेपर पर भी बाकायदा सील ठप्पे लगवा कर नोटरी करवा कर अपनी फ़रियाद यहाँ पर लगाते हैं |







विपुल जी आरती और सुधा जी चितई गोलू देवता मंदिर उत्तराखंड
इसको घंटियों वाला मंदिर भी कह सकते है क्योंकि यहाँ लाखों घंटियाँ तंगी हुई हैं | यहाँ घंटी चढाने की मान्यता है और सभी श्रद्धालु यहाँ पर घंटियाँ चढाते हैं | आपका भी कोई काम नहीं हो पा रहा किसी प्रकार की समस्या है जो कहीं से भी दूर नहीं हो पा रही है और आप हताश हो चुके हैं तो मेरी सलाह है की आप यहाँ एक बार अवश्य आयें |
यात्रा अभी समाप्त नहीं हुई थी अभी तो हमको वहाँ से भी आगे जागेश्वर धाम जाना था सो हम सब निकल पड़े | लेकिन पता चला की विपुल जी की बहुत समय से गोलू देवता जी के मंदिर आने की इच्छा थी | उनके मन में कोई बात थी जो वो करना चाह रहे थे और आज के दिन उनके मन का भी कुछ बोझ हल्का हो गया|

तो सभी एक दूसरे के निमित्त मात्र हुए और बुलाने वाले चितई गोलू देवता और जागेश्वर धाम के शिव जी हुए|

बहुत ही खतरनाक और जोखिम भरी सड़क से होते हुए हम किसी प्रकार से जागेश्वर धाम पहुँच ही गए और मैंने इश्वर का धन्यवाद करा की वाहन मैंने नहीं चलाया नहीं तो न ही कोई पहुँच पाता और वापस आने का प्रश्न ही नहीं होता | सभी इश्वर के पास आत्मा रूप में पहुँच चुके होते |

जागेश्वर धाम पहुँच कर मन में जो आनंद और भक्ति का समागम हुआ उसके लिए कोई शब्द ही उपयुक्त नहीं प्रतीत होता है | पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड के ताड़केश्वर  मंदिर की अनुभूति यहाँ भी हुई | शिव जी के सभी स्थान ऊंचे पहाड़ों पर ही होते हैं और क्यों होते हैं ये जब आप वहां पहुँच जाते हैं तभी आपको इसका पता लगता है | मन एक शांत चित्त होकर स्थिर हो जाता है | कोई विचार अपना प्रवाह नहीं बना पाता और मन में सिर्फ शिव जी छवि घर कर जाती है |

जागेश्वर धाम लगभग १०० मंदिरों का समूह है जो कि बहुत छोटे छोटे मंदिर हैं | यह मंदिर सातवीं से बारवीं शताब्दी के बीच के माने जाते हैं | विकीपीडिया के अनुसार "भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अनुसार इन मंदिरों के निर्माण की अवधि को तीन कालों में बांटा गया है। कत्यरीकाल, उत्तर कत्यूरीकाल एवं चंद्र काल। बर्फानी आंचल पर बसे हुए कुमाऊं के इन साहसी राजाओं ने अपनी अनूठी कृतियों से देवदार के घने जंगल के मध्य बसे जागेश्वर में ही नहीं वरन् पूरे अल्मोडा जिले में चार सौ से अधिक मंदिरों का निर्माण किया जिसमें से जागेश्वर में ही लगभग २५० छोटे-बडे मंदिर हैं। मंदिरों का निर्माण लकडी तथा सीमेंट की जगह पत्थर की बडी-बडी shilaon से किया गया है। दरवाजों की चौखटें देवी देवताओं की प्रतिमाओं से अलंकृत हैं। मंदिरों के निर्माण में तांबे की चादरों और देवदार की लकडी का भी प्रयोग किया गया है|"

यहाँ बहुत सारे मंदिर हैं और कुबेर मंदिर है , अन्नपूर्णा देवी का मंदिर है और ढेर सारे शिव मंदिर हैं | जब भी आप जाएँ तो ध्यान रखें की वाहन की सुविधा अत्यंत आवशयक है जिस से की आप मंदिर के एकदम पास तक जा सकें | बस का प्रयोग करने से अच्छा होगा की आप टैक्सी किराए पर ले लें और अगर आपके पास अपना वाहन है तो फिर कोई बात ही नहीं है |









जागेश्वर धाम अल्मोड़ा उत्तराखंड कैसे पहुंचे : 

रेल : दिल्ली से शताब्दी, रानी खेत, और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस चलती हैं जो आपको काठगोदाम स्टेशन तक लेकर आती हैं | इसके आगे रेल नहीं है | यहाँ से आपको ढेर सारी बस टैक्सी शेयर टैक्सी मिल जाती हैं |  आपको यह ध्यान रखना है कि आने जाने की व्यवस्था काठ गोदाम से ही कर के चलें | बीच में से करेंगे या एक तरफ की ही गाडी करेंगे तो आपको समस्या हो सकती है | अतः सावधानी रखें |आप अल्मोड़ा में जाकर रुक सकते हैं और वहां से आगे की व्यवस्था कर सकते हैं |

बस: आपको नई दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे से हल्द्वानी के लिए अनेक बसें मिल जायेंगी जो की हल्द्वानी उतार देंगी | आप अल्मोड़ा की बस लेकर सीधे अल्मोड़ा भी जा सकते हैं और वहां होटल आदि में रुकने की व्यवस्था कर के अल्मोड़ा से टैक्सी आदि ले सकते हैं और यह आपको अधिक सस्ता भी पड़ सकता है | 

वायु : अल्मोड़ा के नजदीकी हवाई अड्डा, एक प्रसिद्ध कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर में स्थित है, जो जागेश्वर से लगभग १६७ और अल्मोड़ा से लगभग 127 किलोमीटर दूर है।

कब जायें : अगर आप सावन का महीना छोड़ देंगे तो आपका ही भला होगा क्योंकि आप भीड़ से बच जायेंगे लेकिन लोग यहाँ सावन के महीने में ही आते हैं और शिव जी का अभिषेक करते हैं | इस मंदिर की बहुत ही अधिक मान्यता है |

उत्तराखंड देवभूमि है | यहाँ के कण कण में सिद्ध पुरुषों की ऊर्जा आप महसूस कर सकते हैं | यहाँ अनेक मंदिर हैं और सिद्ध तपस्वियों के स्थल हैं | देव भूमि उत्तराखंड में आपका स्वागत है |

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Thursday, 23 January 2020

नौकरी कब लगेगी : कृष्णामूर्ति पद्धित विश्लेषण

मेरे एक ग्राहक ने MBA बहुत पहले किया था। कुछ मुद्दों के कारण वह अन्य काम कर रही थी और नौकरी नहीं कर रही थी। एक दिन मेरे पास उसका फोन आया और उसने मुझसे पूछा कि उसे नौकरी कब मिलेगी और मैंने कुंडली देखी। नीचे चार्ट है। यह कृष्णामूर्ति पद्धति आधारित विश्लेषण है |
mere ek graahak ne mb bahut pahale kiya tha. kuchh muddon ke kaaran vah any kaam kar rahee thee aur जॉब  nahin kar rahee thee. ek din mere paas usaka phon aaya aur usane mujhase poochha ki use naukaree kab milegee aur mainne kundalee dekhee. neeche chaart hai.


नीचे मेरी पूरी भविष्यवाणी है जो मैंने उसे दी थी।
neeche meree pooree bhavishyavaanee hai jo mainne use dee thee.


उसे ठीक 1 महीने बाद 23 जनवरी 2020 को नौकरी मिल गई। क्यों?
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केतु को नौकरी देने के लिए मुझे बहुत यकीन था लेकिन इसके बजाय, शुक्र ने ऐसा किया। केतु शनि के तारे में और बुध के उप में है। केतु 11 वें घर का स्वामी है और यह 10 वें घर में रखे बृहस्पति के चिन्ह में है। फिर भी, शुक्र ने ऐसा किया क्योंकि शुक्र को केतु के तारे और बृहस्पति के उप में रखा गया है। बृहस्पति 10 वें घर में और केतु 6 वें घर में है।

"केपी नियम, ग्रह अपने स्टार स्वामी का परिणाम देगा और उप स्वामी तय करेगा कि परिणाम सकारात्मक होने वाला है या नहीं"
use theek 1 maheene baad 23 janavaree 2020 ko naukaree mil gaee. kyon?

ketu ko naukaree dene ke lie mujhe bahut yakeen tha lekin isake bajaay, shukr ne aisa kiya. ketu shani ke taare mein aur budh ke up mein hai. ketu 11 ven ghar ka svaamee hai aur yah 10 ven ghar mein rakhe brhaspati ke chinh mein hai. phir bhee, shukr ne aisa kiya kyonki shukr ko ketu ke taare aur brhaspati ke up mein rakha gaya hai. brhaspati 10 ven ghar mein aur ketu 6 ven ghar mein hai.

"kepee niyam, grah apane staar svaamee ka parinaam dega aur up svaamee tay karega ki parinaam sakaaraatmak hone vaala hai ya nahin"


बुध 10 वें घर का स्वामी है लेकिन बृहस्पति 10 वें घर में स्थित है। इसलिए बृहस्पति 10 वें घर का परिणाम देने के लिए मजबूत है क्योंकि शुक्र 6 वें घर और 11 वें घर के साथ जुड़ा हुआ है।

सूर्य आज शनि की राशि में और स्वयं सूर्य के नक्षत्र में और शुक्र के उप में प्रतिपदा स्वामी का गोचर कर रहा है।

budh 10 ven ghar ka svaamee hai lekin brhaspati 10 ven ghar mein sthit hai. isalie brhaspati 10 ven ghar ka parinaam dene ke lie majaboot hai kyonki shukr 6 ven ghar aur 11 ven ghar ke saath juda hua hai.

soory aaj shani kee raashi mein aur svayan soory ke nakshatr mein aur shukr ke up mein pratipada svaamee ka gochar kar raha hai.

Saturday, 18 January 2020

Miracle of Love: Maharaj ji reunites two lovers again !!!

निजता के कारण दोनों जातकों का नाम नहीं है | यह सत्य घटना है जो मेरे समक्ष हुई है |

कुछ महीने पहले की बात है शायद अक्टूबर २०१९ की| हम लोग कैंची में थे और काफी सारे लोग थे | रात के शायद ८ या ९ बजे थे और मुझे एक फ़ोन आया , "आचार्य रमन बोल रहे हैं , मैंने कहा जी हाँ , तो वे बोले की वे कुंडली परामर्श चाहते हैं और मेरे शुल्क आदि का भुगतान करके उन्होंने मुझसे सलाह ली | वे उस समय तलाक शुदा नहीं थे लेकिन तलाक का केस चल रहा था और वे किसी के साथ "लिव इन" में रह रहे थे | जिनके साथ वो रह रहे थे वे किस बात से रुष्ट होकर चली गयी थीं और ये सज्जन बहुत परेशान थे | 

 इसलिए मैंने कुंडली देखी और उससे कहा कि आने वाले महीनों में इसे ठीक किया जा सकता है।
कुछ दिनों या हफ्तों का गैप था, लेकिन उन्होंने  मुझे कॉल करा| औररो दिए | मुझे भी बड़ा बुरा लगा की इतना बड़ा व्यक्ति बालक जैसे रो रहा है | मैंने उनसे कहा की रेकी से इलाज का प्रयास किया जा सकता है | तो उन्होंने मेरा शुल्क का भुगतान कर दिया और मैंने २१ दिन की रेकी भी करी जो कि सुधा जी ने भी करी क्योंकि मैंने कहा था कि ये बहुत परेशान हैं तो सुधा जी ने बोला की हो जाएगा |

समय बढ़ता रहा और मैं उत्तराखंड में था की एक दिन उनका फ़ोन आया और बहुत परेशान होकर वे सज्जन फिर से फ़ोन पर विलाप करने लगे | तो मैंने उनसे कहा की आप कैंची धाम आ जाइए मैं अभी यहीं हो तो अपन साथ में ही मंदिर चलेंगे |
इस बीच उनका तलाक भी दिसम्बर में हो चूका था | 
तो ये उनका प्रेम ही था की सब कुछ संशय में होने के बाद भी वो ड्राइव करते हुए यहाँ तक आ गए |
हम मिले और हम केँची धाम गए।
वे मंदिर में आये दर्शन करे और मैंने उनसे कहा की शाम को आप ज़रूर जाइएगा और महाराज जी के कमरे में बैठिएगा |

                                   
कुछ दिन पहले मुझे नए साल की शुभकामनाओं के बारे में एक संदेश मिला। इसलिए मैंने उसे फोन किया लेकिन उसने फोन नहीं उठाया क्योंकि वह मुझे व्यस्त कर सकता थे  और कल उसका संदेश आया कि मैं व्यस्त था आदि तो मैंने कहा कि कोई बात नहीं। तो उससे कहा कि मुझे 12 बजे फ़ोन कीजियेगा  और  12 पर उन्होंने  फोन किया लेकिन मैं कहीं और व्यस्त था और मैंने उससे कहा कि जब मैं फ्री होऊंगा तो आपको कॉल कर लूँगा

जब उनसे बात हुई तो वे बोले की जैसे ही वो कैंची से दर्शन करके वापस गए उनकी ज़िन्दगी बदलनी शुरू हो गयी | उन लड़की से उनकी बातचीत शुरू हो गयी और जो लड़का बीच में था जिसके कारण सब परेशानी थी वो पता नहीं कैसे और कहाँ गायब हो गया |

अब उनकी ज़िन्दगी पूर्ण रूप से बदल चुकी है और जिस ताजगी के साथ उन्होंने मुझसे फोन पर बात करी मुझे भी सुन के बहुत आनंद आया | और वो बोल रहे थे की अब ऐसा कोई दिन नहीं जाता की वो कैंची और महाराज जी के बारे में नहीं सोचते होंगे अर्थात महाराज जी के लाखों भक्तों के जैसे ही उनके ह्रदय में भी महाराज जी ने अपनी जगह बना ली |
जैसे की दादा कहते थे "बाय हिज ग्रेस "

अगर आपके मन में भी सत्य है प्रेम है निश्चलता है तो महाराज जी सिद्धि माँ ज़रूर आपके सब कार्य सुगम कर देंगे |ऐसा मुझे पूर्ण विव्श्वास है |

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Due to identity issue I will not name the two persons and cities. As I always say that I will speak truth and only truth. If there is something wrong or Lie in this what I am about to write below I just seek forgiveness from My love Maharaj ji. :-)

Few months back, I was in Kainchi with many people and we actually brought a whole van of people to kainchi dham. it was around 9 pm or may be 8 pm. I got a call "is this acharya raman" so i said yes I am. then he said he wanted a consultation and what are your charges so i said xxxx Inr are my charges. and he did paytm and the question was that what is going on, He was living with a sweet girl since past 3-4 or 4-5 years I do not remember now and suddenly that girl went away and there is a third person and she is mentally disturbed etc.
So I saw the horoscopes and told him that in coming months it can be corrected etc. That was it.

There was a Gap of some days or weeks but he called me again and he was desperate he was literally crying and a grown up doing like this makes you feel bewildered yourself. I said come and meet me let us talk. He came to me and I said I can do Reiki for you and xxxxx are my charges. He said okay and we parted ways, I told him clearly that there is no guarantee and I am not a bangali baba etc. do not expect miracles and my past experience is good in this so I am telling you. If you wish you can pay and we can proceed.

That was done. After few days he asked me for my account number and I gave him. So he said who is this person, I said this is me only. Siddhartha saxena. Acharya Raman is my name is astrology and why it is so etc I told him, So he said fine and when I will get my salary I will transfer it.

That was also done although he was very much sure that I am going to run away with his money worth xxxxx. But I did Reiki and Sudha ji also did for him because I told her that this has to happen no matter what. so she said it will be I will try my best.

I am now again going to hide few facts, just hide , not lie about anything at all. 

I was at a place and Mr x called me and weeping. So I told him come to kainchi dham. I am here and we will go together to pray to My Love Maharaj JI.

He was till then also very skeptical but the force of his love was so strong he took a chance. !!! And that night was like hell for me. I kept calling in the morning and suddenly his call came that he is in
kainchi.
Since there is network issue he could not communicate. all done till now. 
So he came to where I was available. all useless things I am not disclosing. that is not termed as lie. I am not telling worthless things. 
So we met and we went to Kainchi Dham. 

As we entered the premises I started weeping like a child after few minutes and he was already having a big broken heart and he was like "It is my girlfriend not yours why are you weeping types(and I am not going to disclose that why also)" , and it happens many times when I go there and now i feel that it is my false ego that make me do it to impress maharaj ji, 
My dear friend Arun sharma ji has ben so kind me give me books to sort out where your Ego is manipulating you. I thank him always for being my Friend and my railway minister :-)

So now I have understood That all I do there is basically "swaang" " natak" "bhaandpana" but I feel it is also his wish that I am doing it there. And I do not want to impress any one except my dear Love Maharaj ji, Pyaar mein thoda bahut jhoot to chal jaata hai. who knows this is my false ego again telling me to write this things again. 
 So Mr X had the darshan and due to my crying he actually got confused who is the beggar here he or me hahahha. 
But I told him come in the evening also in tha aashram and sit there, this he said today in the morning, so I am writing, I do not remember the previous day itself until unless some one pushes it, So he said that he came in the evening also and recited sidhi maa book there and then went back to his hotel.

                                     MIRACLE OF LOVE
It was few days back I got a message from him on new year wish I think. So i called him but he didn`t picked up the phone as he might me be busy and yesterday his message came that I was busy etc so i said No issue. So told him to call me at 12 and at sharp 12 he called  but I was busy else where and I told him that when I get free I will call you back. 
                                       THE MIRACLE OF MAHARAJ JI   

HE SAID JUST AFTER I WENT FROM KAINCHI DHAM THINGS CHANGED AND Y IS TALKING TO ME AND WE ARE BACK ON TRACK AND THE GUY WHO WAS IN BETWEEN IS NO WHERE NOW!!!!!!!!!!!

AS DADAJI SAID "BY HIS GRACE" BY THE GRACE OF MY LOVE TOO MAHARAJ JI.

And I will literally not say that I wish good or bad for these x and Y BECAUSE IT WILL BE BE EGO AGAIN PLAYING HIS FILTHY GAME. BUT AS A PERSON I WANT THEM TO GET MARRIED SOON. 

IF YOU HAVE TRUE LOVE THEN WAIT BOW TO MAHARAJ JI AND SIDDHI MAA ALL WILL DONE. REMOVE YOUR "I" PAST PRESENT EVERYTHING. AND THEN SEE.  

  



Monday, 6 January 2020

दिल्ली विधान सभा चुनाव २०२० कौन मारेगा बाजी : ज्योतिषीय आकलन

(यह लेख मेरे मूल अंग्रेजी लेख का गूगल हिंदी अनुवाद है मूल लेख के लिए यहाँ क्लिक करें   who will win 2020 delhi vidhan sabha election)

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आज नई दिल्ली में चुनाव की तारीखें घोषित कर दी गई हैं। मुख्य प्रतियोगी AAP, BJP, INC हैं और मज़ेदार हैं कि वे न केवल वर्णानुक्रम में सही हैं, बल्कि वास्तविक स्थिति भी नई दिल्ली में हैं। आइए हम सभी तीनों पक्षों के बारे में कुछ बात करते हैं और मेरी यह "बात" केवल मीडिया समाचार रिपोर्टों पर आधारित है और मेरे विचार बिल्कुल व्यक्तिगत नहीं हैं।

इसलिए, AAP के साथ शुरू करने के लिए अब आम आदमी या आम आदमी के लिए बहुत कुछ किया जा रहा है और वे अपने चुनावी वादों को लागू करने में बहुत सफल रहे हैं जैसा कि उनके फेस बुक पोस्ट और समाचार विज्ञापनों में बताया गया है। इसलिए मैं कहूंगा कि वे काम कर रहे हैं और अब जब मैं मीडिया को देखता हूं और लोग सामाजिक व्यस्तताओं पर बात करते हैं तो मैं इस पार्टी AAP के बारे में एक सकारात्मक शब्द सुनता हूं।

दूसरी पार्टी में आना, जो कि भाजपा है जो पहले से ही केवल 6 राज्यों में हार गई है क्योंकि उनके पास करिश्माई नेता नहीं हैं जैसे एक बार कांग्रेस के पास हुआ करते थे और वे एक दो आदमी पार्टी नहीं हैं और विडंबना ग्राम पंचायत चुनावों में भी है उनके तथाकथित "नेता" व्यापक जनता के लिए केंद्र द्वारा की गई चीजों का उपयोग कर रहे हैं और स्थानीय मुद्दे पूरी तरह से उपेक्षित हैं। एक ग्राम पंचायत चुनाव में पीएम के नाम का क्या उपयोग होता है। बड़े नेताओं के लिए उनके आडंबर में डूब गए हैं जो फिलिप कोटलर ने अपने विपणन के 4 पीए में वर्णित किया है जिसे "मार्केटिंग मायोपिया" कहा जाता है या कोई इसे आसानी से तीसरी कक्षा के शुद्ध अहंकार के रूप में मान सकता है और कुछ नहीं, यह राय बनाई गई है टीवी, फेसबुक पोस्ट, अभिमानी आवाज़ और झूठे अहंकार से भरे उनके नेताओं को देखकर। और कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरी भाजपा में लोकप्रिय जोड़ी को छोड़कर कोई तीसरा नाम नहीं है।  और वे इस बात के लिए नई दिल्ली चुनाव जीतने की इच्छा रखते हैं कि नई दिल्ली में कई भैय्या हैं।

कांग्रेस में आ रहे हैं, यह एक सच्चाई है कि श्रीमती शीला दीक्षित ने दिल्ली के लिए बहुत कुछ किया था और वह नहीं थीं कि सीएम दिल्ली बहुत पहले ही ध्वस्त हो गई थी। उनके प्रयास वास्तविक थे और जनता के लिए लेकिन वह AAP की लहर और सत्ता विरोधी लहर के शिकार हो गए। अन्य बुद्धिमान अब भी जब मैं दिल्ली के लोगों से बात करता हूं तो हर कोई स्वर्गीय की प्रशंसा करता है। शीला दीक्षित जी। कांग्रेस में कोई चेहरा नहीं है और वे उसी सड़क पर हैं, जहां भाजपा ने आरएसपी यानी राहुल सोनिया प्रियंका को हर जगह उनके सिर पर बिठाया है।
यह समाचार क्लिपिंग और मीडिया की कहानियों और सोशल मीडिया पोस्ट से मेरी सभा है जो सही हो सकती है या नहीं भी हो सकती है और मुझे इस बात में कोई दिलचस्पी नहीं है कि दिल्ली के सीएम कौन बनेगा, इस तथ्य के अलावा कि यह एक ज्योतिषीय विषय भी है, इसलिए मैं अपनी जानकारी दे रहा हूं उसी के लिए भविष्यवाणी।
aaj naee dillee mein chunaav kee taareekhen ghoshit kar dee gaee hain. mukhy pratiyogee aap, bjp, inch hain aur mazedaar hain ki ve na keval varnaanukram mein sahee hain, balki vaastavik sthiti bhee naee dillee mein hain. aaie ham sabhee teenon pakshon ke baare mein kuchh baat karate hain aur meree yah "baat" keval meediya samaachaar riporton par aadhaarit hai aur mere vichaar bilkul vyaktigat nahin hain.
isalie, aap ke saath shuroo karane ke lie ab aam aadamee ya aam aadamee ke lie bahut kuchh kiya ja raha hai aur ve apane chunaavee vaadon ko laagoo karane mein bahut saphal rahe hain jaisa ki unake phes buk post aur samaachaar vigyaapanon mein bataaya gaya hai. isalie main kahoonga ki ve kaam kar rahe hain aur ab jab main meediya ko dekhata hoon aur log saamaajik vyastataon par baat karate hain to main is paartee aap ke baare mein ek sakaaraatmak shabd sunata hoon.
doosaree paartee mein aana, jo ki bhaajapa hai jo pahale se hee keval 6 raajyon mein haar gaee hai kyonki unake paas karishmaee neta nahin hain jaise ek baar kaangres ke paas hua karate the aur ve ek do aadamee paartee nahin hain aur vidambana graam panchaayat chunaavon mein bhee hai unake tathaakathit "neta" vyaapak janata ke lie kendr dvaara kee gaee cheejon ka upayog kar rahe hain aur sthaaneey mudde pooree tarah se upekshit hain. ek graam panchaayat chunaav mein peeem ke naam ka kya upayog hota hai. bade netaon ke lie unake aadambar mein doob gae hain jo philip kotalar ne apane vipanan ke 4 peee mein varnit kiya hai jise "maarketing maayopiya" kaha jaata hai ya koee ise aasaanee se teesaree kaksha ke shuddh ahankaar ke roop mein maan sakata hai aur kuchh nahin, yah raay banaee gaee hai teevee, phesabuk post, abhimaanee aavaaz aur jhoothe ahankaar se bhare unake netaon ko dekhakar. aur kashmeer se kanyaakumaaree tak pooree bhaajapa mein lokapriy jodee ko chhodakar koee teesara naam nahin hai.aur ve is baat ke lie naee dillee chunaav jeetane kee ichchha rakhate hain ki naee dillee mein kaee bhaiyya hain.

kaangres mein aa rahe hain, yah ek sachchaee hai ki shreematee sheela deekshit ne dillee ke lie bahut kuchh kiya tha aur vah nahin theen ki seeem dillee bahut pahale hee dhvast ho gaee thee. unake prayaas vaastavik the aur janata ke lie lekin vah aap kee lahar aur satta virodhee lahar ke shikaar ho gae. any buddhimaan ab bhee jab main dillee ke logon se baat karata hoon to har koee svargeey kee prashansa karata hai. sheela deekshit jee. kaangres mein koee chehara nahin hai aur ve usee sadak par hain, jahaan bhaajapa ne aaresapee yaanee raahul soniya priyanka ko har jagah unake sir par bithaaya hai.
yah samaachaar kliping aur meediya kee kahaaniyon aur soshal meediya post se meree sabha hai jo sahee ho sakatee hai ya nahin bhee ho sakatee hai aur mujhe is baat mein koee dilachaspee nahin hai ki dillee ke seeem kaun banega, is tathy ke alaava ki yah ek jyotisheey vishay bhee hai, isalie main apanee jaanakaaree de raha hoon usee ke lie bhavishyavaanee.


The chart is casted on 6 JAN 2020, TIME:17:58, COORDINATES: 79E27/ 29N23. Below is the horoscope. 



I am using a different kind of system here which used to predict the win of Kejriwal over Sheila dixit way back in 2013 or 14 I don’t remember. The ruling planets as per the horoscope are, I am taking the lagna star lord too,
Ls: Jupiter = 21
Lagna: Mercury = 9
Moon Star Lord = Sun =5
Moon sign Lord =Mars =9
Day Lord = Moon =4
The total is 57. Becaue I have added 9 more as Rahu is present in the Lagna and since it is in Gemini it will be given 9 points.
Here we will divide 57 by 3  and we will now get 19. We will again reduce 3 from 19 till we reach to a single digit and the remainder we get is 1.
At no.1 the political party is AAP so AAP is going to win the election in February 2020. Best of luck to all parties.

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020

दिल्ली विधानसभा चुनाव कब है

2020 विधानसभा चुनाव

दिल्ली विधानसभा चुनाव कब होंगे

दिल्ली में विधानसभा चुनाव कब होंगे

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